Diwali रोशनी और खुशियों का त्योहार है। लेकिन इन्हीं दिनों में बहुत से लोगों को खांसी, बार-बार छींक और आंखों में जलन शुरू हो जाती है। Jaipur में भी Diwali के आसपास Diwali pollution allergy के मामले बढ़ जाते हैं। अगर आपको पहले से dust allergy या asthma है, तो ये दिन और भारी पड़ सकते हैं।

Diwali के बाद allergy क्यों बढ़ जाती है?
पटाखे जलने से हवा में धुआं और बहुत छोटे particles फैल जाते हैं। इन्हें PM2.5 और PM10 कहा जाता है। सर्दी की शुरुआत में हवा भारी होती है, इसलिए यह धुआं नीचे ही रुका रहता है। सांस के साथ ये particles नाक, गले और lungs को irritate करते हैं।
साथ ही Diwali की सफाई में पुराना सामान, पर्दे और गद्दे झाड़े जाते हैं। इससे dust mites और धूल उड़ती है, जो allergy का बड़ा trigger है।
Pollution allergy के आम symptoms क्या हैं?
- बार-बार छींक आना, नाक बहना या बंद होना
- सूखी खांसी या गले में खराश
- आंखों में जलन, लाली और पानी आना
- सीने में भारीपन या wheezing (सीटी जैसी आवाज)
- सिर दर्द और चेहरे पर भारीपन
किन लोगों को ज्यादा ध्यान रखना चाहिए?
- जिन्हें पहले से dust allergy, asthma या sinus है
- बच्चे और बुजुर्ग
- गर्भवती महिलाएं
- जिन्हें दिल या lungs की पुरानी बीमारी है
Diwali में allergy से कैसे बचें?
AQI check करें। जिस दिन pollution ज्यादा हो, उस दिन सुबह और देर शाम बाहर कम निकलें।
Mask पहनें। भीड़ या धुएं वाली जगह पर fitted mask (N95 type) काम आता है। साधारण कपड़े का mask छोटे particles को पूरी तरह नहीं रोक पाता।
खिड़कियां बंद रखें। पटाखे चलने के समय खिड़की-दरवाजे बंद रखें। Air purifier हो तो उसका use करें।
सफाई सही तरीके से करें। सूखे झाड़ू की जगह गीले कपड़े से पोंछा लगाएं और सफाई के समय mask पहनें।
आंखों का ध्यान रखें। बाहर से आकर साफ पानी से आंखें और चेहरा धोएं। आंखों को रगड़ें नहीं।
बच्चों को दूर रखें। बच्चों के lungs ज्यादा sensitive होते हैं, इसलिए उन्हें पटाखों के धुएं से दूर रखें।
दवाइयां तैयार रखें। अगर आपका inhaler या allergy की दवा पहले से चल रही है, तो Diwali से पहले check कर लें कि वह खत्म न हो। बिना doctor की सलाह के कोई दवा शुरू या बंद न करें।
Doctor को कब दिखाएं?
- खांसी कई दिन तक ठीक न हो
- छींक और नाक की problem 1 से 2 हफ्ते से ज्यादा चले
- रात को खांसी या wheezing से नींद खराब हो
- आंखों में तेज दर्द या देखने में दिक्कत हो
Emergency signs: सांस फूलना या सीने में जकड़न हो तो देर न करें। तुरंत नजदीकी hospital या emergency में जाएं।
Diagnosis और Treatment कैसे होता है?
अगर हर साल Diwali या सर्दी में आपकी allergy बढ़ती है, तो सिर्फ दवा लेकर काम चलाना काफी नहीं है। सही diagnosis से trigger पहचानने में मदद मिलती है। Allergy evaluation में patient history, symptoms और examination देखे जाते हैं। जरूरत के अनुसार doctor Skin Prick Test या Blood Allergy Test की सलाह दे सकते हैं। इसके बाद doctor आपके लिए treatment plan बनाते हैं, जिसमें जरूरत पड़ने पर immunotherapy भी शामिल हो सकती है।
FAQ
Q. क्या Diwali के धुएं से allergy हो सकती है?
हां। पटाखों के धुएं के particles नाक, गले और आंखों को irritate करते हैं और allergy या asthma के symptoms बढ़ा सकते हैं।
Q. Pollution allergy कितने दिन तक रहती है?
यह हर व्यक्ति और pollution के level पर निर्भर करता है। कुछ लोगों को कुछ दिन में आराम मिल जाता है। अगर 1 से 2 हफ्ते बाद भी problem रहे, तो doctor को दिखाएं।
Q. क्या mask से धुएं की allergy से बचा जा सकता है?
अच्छा fitted mask (जैसे N95) exposure को काफी कम कर सकता है, लेकिन यह पूरी सुरक्षा की guarantee नहीं है।
Q. बच्चों को Diwali में allergy से कैसे बचाएं?
उन्हें पटाखों से दूर रखें, AQI खराब हो तो घर के अंदर रखें और अगर उन्हें asthma या allergy है तो doctor की बताई दवा नियमित दें।
Conclusion
Diwali की खुशियां allergy से खराब न हों, इसके लिए थोड़ी सावधानी काफी है। AQI पर नजर, mask, साफ घर और समय पर doctor की सलाह से आप और आपका परिवार त्योहार आराम से मना सकते हैं। Diwali pollution allergy Jaipur में बार-बार परेशान करती है, तो symptoms को ignore न करें।
सही diagnosis और treatment plan के लिए KiMi Health Hub, Lal Kothi, Jaipur में Allergy Specialist Dr. Ajay Jain से consult करें। (kimihealthhub.com)
Disclaimer: यह blog सिर्फ जानकारी के लिए है और doctor की सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी तकलीफ में अपने doctor से संपर्क करें।
